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मिर्जापुर : मिर्जापुर पुलिस के कार्यों से हाईकोर्ट नाराज, चोरी के आरोप में पुलिस ने मुठभेड़ दिखाकर पैर में मारी थी गोली, 153 दिन बाद हाईकोर्ट ने पुलिस के खिलाफ सुनाया फैसला

मिर्जापुर : मिर्जापुर पुलिस के कार्यों से हाईकोर्ट नाराज, चोरी के आरोप में पुलिस ने मुठभेड़ दिखाकर पैर में मारी थी गोली, 153 दिन बाद हाईकोर्ट ने पुलिस के खिलाफ सुनाया फैसला

  •   जेपी पटेल
  •  2026-01-31 21:15:33
  •  0

मिर्जापुर इलाहाबाद हाई कोर्ट ने यूपी पुलिस के कार्यों से नाराजगी व्यक्त की है.कोर्ट ने कहा है किसी अपराधी को सजा देना न्याय पालिका का काम है पुलिस का नहीं है, मगर मिर्जापुर की पुलिस ने चोरी के आरोप में एक व्यक्ति को पैर में गोली मार कर गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था, लगभग 5 महीने से आरोपी जेल में सजा काट रहा है इसी को लेकर आरोपी के वकील ने हाई कोर्ट में अपील दाखिल की थी इलाहाबाद हाईकोर्ट ने 29 जनवरी 2026 को पुलिस के खिलाफ फैसला सुनाया है और सशर्त जमानत भी दे दी है.

दरअसल मिर्जापुर देहात कोतवाली थाना क्षेत्र के लोहन्दी कला के रहने वाले राजकुमार बिंद ने देहात कोतवाली पुलिस को 15 अगस्त को 2025 लिखित तहरीर देकर बताया था,हिमांशु ज्वेलर्स के नाम से हमारी दुकान भुजंवा चौकी के पास स्थित है. अज्ञात चोरों द्वारा ताला तोड़कर रखे सोना चांदी के आभूषण और लगभग 15000 रुपया चोरी हो गया है. मेरे पास में देहात कोतवाली के सिरसी बघेल के रहने वाले अनिल कुमार जनसेवा केंद्र बैंकिंग व कपड़े की दुकान चलाते हैं इनके यहां से 60000 की साड़ी चोरी हो गई है. इन दोनों दुकानों के साथ ही देहात कोतवाली के सिरसी बघेल के रहने वाले अशोक कुमार आयुष मेडिकल की दुकान चलाते हैं उनके दुकान से 15000 रुपये और कुछ दवाई ताला तोड़कर चोरी हो गया है. जिसको लेकर पुलिस ने धारा 305(a) 331(4) 317 (2) BNS के तहत मुकदमा दर्ज किया था. पुलिस ने लगभग 15 दिन बाद 29अगस्त 2025 को मुठभेड़ में राजू उर्फ राजकुमार को गिरफ्तार किया था, जिसे 30 अगस्त 2025 को जेल भेज दिया गया था.

इसके बाद राजू उर्फ राजकुमार की अधिवक्ता कुसुम मिश्रा ने जमानत के लिए हाईकोर्ट में अर्जी दायर की थी. दलील दी झूठे मामले में फंसाया गया,घटना के दौरान किसी पुलिसकर्मी को चोट न लगना संदेह पैदा करता है.पुलिस ने मुठभेड़ में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का पालन नहीं किया. जिसको इलाहाबाद हाई कोर्ट के न्यायमूर्ति अरुण कुमार सिंह देशवाल ने राजू उर्फ राजकुमार की जमानत अर्जी दे दिया है और पुलिस को फटकार लगाया है कहा है अपराधी को सजा देना न्याय पालिका का काम है. पुलिस का नहीं. चोरी के आरोप में 153 दिन से बंद राजू उर्फ राजकुमार गाजीपुर औड़िहार गैबीपुर का रहने वाला है. फोन पर बात करते हुए राजू उर्फ राजकुमार की पत्नी आकांक्षा ने बताया कि मेरे पति अपनी मैजिक गाड़ी चलाते हैं 27 अगस्त 2025 को गाज़ीपुर हमारे घर से पुलिस उठा कर ले गई थी. 29 अगस्त 2025 को पता चला कि पति को पुलिस ने पैर में गोली मार दी है अस्पताल में भर्ती हैं. इसके बाद जेल भेज दिया गया था तब से जेल में पड़े हुए हैं. अधिवक्ता कुसुम मिश्रा ने बताया कि पुलिस ने मुठभेड़ में मेरे क्लाइंट को घायल कर दिया, पुलिस ने बताया था कि मेरे पर गोली चलाने का प्रयास किया जिसको लेकर हमने गोली चलाया था,जबकि ऐसा नही था. कोर्ट का दिशा निर्देश है की वीडियो बनाएं, घायल है तो मजिस्ट्रेट के सामने बयान कराया जाए पुलिस के डायरी में यह सब नही थे. कोई पुलिस भी घायल नही था. जिसको लेकर 29 जनवरी को कोर्ट ने बड़ा डिसीजन दिया.कोर्ट ने इसे गंभीरता से लेते हुए अपर मुख्य सचिव (गृह) व डीजीपी को वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये तलब कर जवाब मांगा था.फिर शुक्रवार को दोनों अधिकारी वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के जरिये हाजिर हुए और आगे भरोसा दिलाया कि मुठभेड़ मामले में सुप्रीम कोर्ट के दिशा निर्देशों का कड़ाई से पालन किया जाएगा न करने पर कार्रवाई की जाएगी.

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