मिर्जापुर जनपद गंगा का जलस्तर लगातार बढ़ने से तटवर्ती इलाके के ग्रामीणों की बेचैनी बढ़ रही है. गंगा स्नान घाट और श्मशान घाट डूब गए हैं, ग्रामीण इलाके में पानी घुसने को बेताब है. गंगा नदी वार्निंग लेवल से तीन मीटर अभी नीचे बह रही है. बाढ़ से निपटने के लिए 37 बाढ़ चौकिया और 50 राहत कैंप चिन्हित किये गए हैं.3.05 सेमी प्रति घंटे की रफ्तार से गंगा का पानी बढ़ रहा है.
पहाड़ी इलाके में लगातार हो रहे बारिश के चलते मिर्जापुर जनपद में गंगा नदी रौद्र रूप में बह रही है. गंगा नदी में पानी बढ़ने से घाटों से संपर्क टूट गया है. श्मशान घाट डूब गए हैं. ग्रामीण इलाके में पानी घुसने को बेताब है. विंध्याचल से लेकर मिर्जापुर शहर घाट तक घाट डूब गए हैं. चिल्ह श्मशान घाट डूब गया है.विजयपुर मार्ग के रास्ते पर पानी आ जाने से आवागमन बाधित हो गया है.बाढ़ से निपटने के लिए जिला प्रशासन भी तैयार है. मिर्जापुर में गंगा नदी सोमवार को 3.5 सेंटीमीटर प्रति घंटे की रफ़्तार से बढ़ रही है. वार्निंग लेवल से गंगा नदी 3 मीटर नीचे बह रही है.बाढ़ से निपटने के लिए 37 बाढ़ चौकिया और 50 राहत कैंप चिन्हित किए गए हैं.
जिले में सदर तहसील और चुनार तहसील के गांव बाढ़ से प्रभावित होते हैं. चेतावनी बिंदु 76.724 मीटर और खतरे का निशान 77.724 मीटर है. सोमवार को दोपहर ढाई बजे गंगा का जलस्तर 73.49 मीटर दर्ज किया गया हैं.एडीएम अजय कुमार सिंह ने बताया 73.05 आज गंगा का लेवल है.दो तहसील चुनार और सदर प्रभावित होते हैं.सबसे पहले चुनार के गांव और खेत में पानी पहुंचता है.37 बाढ़ चौकिया बनाई गई हैं. बाढ़ आने पर 50 राहत कैंप स्थान चिन्हित किया गया है जहां आवश्यक सामग्री दिया जाएगा.अभी कहीं पानी नहीं घुसा है वार्निंग लेवल से काफी नीचे है.अधिकारी भ्रमण कर रहे हैं.
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