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मिर्जापुर : मोथा चक्रवात से हजारों एकड़ फसल बर्बाद, डीएम ने कहा 10 से 12 प्रतिशत नुकसान होने की संभावना

मिर्जापुर : मोथा चक्रवात से हजारों एकड़ फसल बर्बाद, डीएम ने कहा 10 से 12 प्रतिशत नुकसान होने की संभावना

  •   जेपी पटेल
  •  2025-10-31 21:20:48
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मिर्जापुर जनपद में मोथा चक्रवात ने जमकर तबाही मचाई है.हजारों एकड़ किसानों के फसल बर्बाद हो गए हैं,हवा के साथ हो रहे लगातार बारिश के चलते फसल जलमग्न हो गए हैं.धान की खड़ी और कटे फसल सब जलमग्न हो गए हैं.कटे हुए धान की फसल को पानी से डूबे खेत से किसान निकालने को मजबूर हो रहे हैं.किसानों ने कहा कि लगातार हो रहे बारिश के चलते फसल चौपट रहा है.सरकार से शत प्रतिशत भरपाई करने की मांग की है. वही जिला अधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि आंशिक रूप से नुकसान होने की संभावना है.तत्काल आकलन नही किया जा सकता है मोटा मोटी 10 से 12 प्रतिशत कुछ इलाकों में संभावना हो सकती है इसका भी एग्जैक्ट आकलन बाद में ही आएगा.

अरब सागर में उठे चक्रवाती तूफान ‘मोथा’ ने मौसम का मिजाज बदल दिया है. उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपदके भी हवाओं के साथ कई इलाकों में झमाझम बारिश हो रही है. इस बे मौसम बारिश से जहां लोगों को ठंडक का एहसास होना शुरु हो गया है, वहीं किसानों की परेशानी भी बढ़ गई है. गुरुवार से जारी बारिश ने धान की तैयार फसल को नुकसान पहुंचाया है. खेतों में कटाई के लिए तैयार खड़ी फसलें भीगने और गिरने से प्रभावित हो रही हैं. किसान खेत में पड़े धान को पानी में से निकालने को मजबूर हो रहे हैं. लालगंज हलिया छानबे जमालपुर के साथ ही कई इलाकों में बारिश ने तबाही मचाई है. किसानों ने कहा कि लगातार हो बारिश के चलते धान की फसल चौपट हो रहा है. केसीसी लोन लेकर खेती की गई है उसकी भरपाई कैसे की जाएगी सरकार हम किसानों को शत प्रतिशत मुआवजा उपलब्ध कराये.

जिलाधिकारी पवन गंगवार ने बताया कि इस समय फसल तैयार की स्थिति में है,यह जो बारिश हुई है इससे आंशिक रूप से नुकसान होने की संभावना है. धान की बाली वजन होने के चलते कुछ इलाके में फसल गिरा हुआ है, तत्काल आकलन नहीं किया जा सकता है फौरी तौर पर एक अनुमान लगाया जा सकता है.आकलन करने के बाद ही पता चल पाएगा.जहां पानी रुका हुआ है इसलिए मोटा-मोटी कुछ क्षेत्रों में 10 से 12 प्रतिशत नुकसान होने की संभावना हो सकती है ,उसका एग्जैक्ट आकलन बाद में हो सकता है.धान की फसल इस साल जनपद में बहुत अच्छा है. पिछले वर्ष के सापेक्ष इस साल अधिक पैदा होगी.

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