मिर्जापुर जनपद का एक 14 महीना का बच्चा गंभीर बीमारी से जूझ रहा है. इलाज के लिए उसे 9 करोड़ रुपये चाहिए जिसको लेकर बच्चे के माता-पिता ने सोशल मीडिया के सहारे मदद मांग रहे हैं.बच्चे को स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी (SMA) नामक बीमारी है. इस बीमारी से निजात पाने के लिए 9 करोड़ रुपये के इंजेक्शन की आवश्यकता है. बच्चों की माता-पिता ने सोशल मीडिया बताया कि विधायक सांसद कम तक से मदद मांगी है अभी तक कोई मदद नहीं हो पाया है.
मिर्जापुर के जमालपुर क्षेत्र के करजी गांव के रहने वाले आलोक कुमार द्विवेदी बैंकिंग सेक्टर में प्राइवेट नौकरी करते हैं. इनके 14 महीने के बेटे विनायक द्विवेदी को स्पाइनल मस्कुलर एट्रॉफी नामक गंभीर बीमारी है. इस बीमारी के चलते बच्चे की मांसपेशियां कमजोर हो गई है, जिससे उसकी सामान्य बच्चों के तरह गतिविधियां नही है.पीड़ित विनायक का इलाज अखिल भारतीय आयुर्विज्ञान संस्थान, नई दिल्ली से चल रहा है. इलाज कर रहे डॉक्टरों ने बच्चे के माता-पिता से बच्चे के स्वास्थ्य में सुधार के लिए 9 करोड़ रुपये की लागत का एक इंजेक्शन लगाने को कहा है. असमर्थ पिता आलोक ने सोशल मीडिया का सहारा लिया है.
पीड़ित विनायक के पिता आलोक कुमार द्विवेदी और मां प्रतिभा ने बताया कि बेटा गंभीर बीमारी से जूझ रहा है . दिल्ली के डॉक्टरों ने 9 करोड़ के इंजेक्शन को लगाने को कहा है 2 साल में व्यवस्था करनी है. बेटा का मांसपेशियां धीरे-धीरे कमजोर हो रही है. इतनी बड़ी रकम है हम गरीब परिवार से व्यवस्था नहीं हो पाएगी इसलिए सोशल मीडिया का सहारा लिया है. क्षेत्र के विधायक सांसद और मुख्यमंत्री तक से मदद मांगी है अभी तक किसी प्रकार की मदद नहीं हो पाई है. उन्होंने कहा कि समाज के सहयोग से हम अपने बेटे का इलाज करवा सकेंगे. अभी तक 8 लाख रुपये तक लोगों ने सहायता कर चुके है. उम्मीद है इतने बड़े देश में लोग जरुर मदद करेंगे और हम बेटे को बचा पाएंगे.
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