मिर्जापुर जनपद की एक नाबालिग लड़की की भैरो मंदिर में शादी कराई जा रही थी. एनजीओ ने पुलिस-प्रशासन की मदद से बाल विवाह को रुकवा दिया हैं.16 साल की लड़की का 19 साल के लड़के से शादी हो रही थी. एनजीओ आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था ने शादी रुकवाने के बाद पुलिस प्रशासन ने की मदद से CWC को सौंप दिया है.
देश प्रदेश में बाल विवाह रुकने का नाम नहीं ले रहा है ,कही गरीबी के चलते हैं तो कहीं पढ़ाई के चलते परिवार वाले नाबालिग लड़की की शादी करा दे रहे हैं. ताजा मामला मिर्जापुर के चुनार इलाके से आई है जहाँ एक 16 वर्षीय नाबालिग लड़की की 19 वर्षीय लड़के के साथ वाराणसी के एक भैरव मंदिर में शादी कराई जा रही थी. इसकी सूचना जब आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था एनजीओ को मिली तो तत्काल चाइल्डलाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, सीडीसी और पीआरबी पुलिस के सहयोग से मौके पर पहुंचकर बाल विवाह को रुकवा दिया.
बाल विवाह करते पकड़े गए लड़की के परिजनों बताया कि पढ़ाई नहीं कर रही थी. वाराणसी के एक गांव के लड़के से शादी तय की गई थी. मंदिर में शादी होने जा रही थी इस दौरान पकड़ लिया गया है. आस्था महिला एवं बाल विकास संस्था के सदस्य रतन मिश्रा ने बताया की संस्था को सूचना मिली सूचना पर पहुंचकर चाइल्डलाइन, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट, सीडीसी और पीआरबी पुलिस मदद से शादी की रुकवा दिया गया है. लड़की को सुरक्षित बाल कल्याण समिति (CWC) सुपुर्द कर दिया गया है. तीन दिन लड़की यहीं पर रहेगी इसके बाद परिजन से हलफनामा लेकर सौपा जाएगा की बालिग होने पर ही शादी करेंगे.चुनार थाना प्रभारी विजय शंकर ने बताया कि एक नाबालिग लड़की की शादी होने की सूचना मिली थी जिसको लेकर शादी रुकवा दी गई है CWC को सौंपा गया है मामले की जांच की जा रही है.
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