मिर्जापुर : ऑपरेशन “नन्हे फरिश्ते” के तहत दो नाबालिग बच्चों को रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क ने मिर्जापुर को सुपुर्द किया है. नाबालिक एक मध्य प्रदेश तो एक मिर्जापुर जनपद का रहने वाला है जो रोजगार के लिए सूरत जाने के प्रयास में थे.
रेलवे सुरक्षा बल द्वारा संचालित ‘ऑपरेशन नन्हे फरिश्ते’ रेलवे परिसरों और ट्रेनों में मिलने वाले असुरक्षित, संकटग्रस्त या बिछड़े हुए बच्चों को सुरक्षित बचाने का अभियान चला रहा है.इसी के तहत आज मिर्जापुर रेलवे स्टेशन परिसर में दो नाबालिग बच्चों को सुरक्षित संरक्षण में लेते हुए आवश्यक विधिक प्रक्रिया पूर्ण करते हुए रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क मिर्जापुर को सुपुर्द किया गया है. दरअसल रेलवे सुरक्षा बल मिर्जापुर के सहायक उप निरीक्षक नरेन्द्र दुबे एवं रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क, मिर्जापुर के सुपरवाइजर स्टेशन परिसर में गश्त के दौरान स्टेशन के सर्कुलेटिंग एरिया में दो नाबालिग बच्चे बैग के साथ संदिग्ध अवस्था में बैठे पाए गए जब चाइल्ड हेल्प डेस्क, मिर्जापुर द्वारा बच्चों से सहानुभूतिपूर्वक पूछताछ की गई, जिसमें उन्होंने अपना नाम अंकित कोल, पुत्र अमृत लाल कोल, आयु लगभग 15 वर्ष, निवासी ग्राम खैरा चितरंगी, जिला सिंगरौली (मध्य प्रदेश) , सगर, पुत्र रामअवतार, आयु लगभग 16 वर्ष, निवासी मड़िहान, जिला मिर्जापुर (उत्तर प्रदेश) बताया गया. प्रयागराज मंडल, उत्तर मध्य रेलवे जनसम्पर्क अधिकारी अमित कुमार सिंह के मुताबिक पूछताछ के दौरान बच्चों ने बताया कि वे रोजगार की तलाश में सूरत जाने के उद्देश्य से घर से निकले थे. बच्चों द्वारा उपलब्ध कराए गए संपर्क नंबरों पर परिजनों से बातचीत की गई, चूंकि मामला संभावित बाल श्रम से संबंधित पाया गया, अतः बाल संरक्षण के दृष्टिगत तत्काल कार्रवाई की गई.नियमानुसार, दोनों नाबालिग बच्चों को विधिवत सुपुर्दगीनामा तैयार कर, रेलवे चाइल्ड हेल्प डेस्क, मिर्जापुर के सुपरवाइजर को सुरक्षित रूप से सौंप दिया गया हैं.
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