मिर्जापुर जिला कारागार में तैनात एक सिपाही की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है. सिपाही कई दिनों से बीमार चल रहा था ड्यूटी करने के बाद कमरे पर पहुंचने पर अचानक तबीयत बिगड़ने से मौत हो गई, अस्पताल पहुंचने पर डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. परिजनों का आरोप इलाज करने के लिए जेल अधीक्षक नहीं दी छुट्टी.
मिर्जापुर जनपद के जिला कारागार में तैनात एक जेल वार्डर सिपाही की संदिग्ध परिस्थितियों में मौत हो गई है.मृतक सिपाही आनन्द शुक्ल जौनपुर जिले के हरन गांव थाना खेतासराय का रहने वाला था. जेल वार्डर के पद पर मिर्जापुर जिला कारागार में तैनात था.कई दिनों से बीमार चल थे. रविवार को ड्यूटी करने के बाद अपने प्राइवेट कमरे पर पहुंचे जहां तबीयत अचानक और बिगड़ गई. जानकारी होने पर जेल के सिपाही कमरे पर पहुंचे जहां कमरा अंदर से बंद था किसी तरह सिपाहियों ने दरवाजा को खोलकर अचेत पड़े सिपाही की एम्बुलेंस की मदद जिला मंडलीय अस्पताल पहुंचाया जहां डॉक्टरों ने मृत घोषित कर दिया. मृतक सिपाही की पत्नी का कहना है कई दिनों से बीमार चल रहे थे. थकाई महसूस होती थी. पत्नी ने जेल अधीक्षक पर आरोप लगाया कि इलाज के लिए छुट्टी नहीं दे रहे थे,बीमारी में ड्यूटी करा रहे थे.वही जेल अधीक्षक राजेन्द्र प्रताप चौधरी ने बताया की पत्नी का आरोप निराधार है. अभी कुछ दिन पहले अपने साल की शादी की छुट्टी लेकर गए हुए थे. छुट्टी की जो प्रक्रिया है इस तहत छुट्टी दी जाती है. आज उनकी तबीयत खराब थी जानकारी होने पर एक सिपाही के साथ प्राइवेट डॉक्टर को दिखाया गया वापस आने के बाद दोबारा पता चला कि फिर से तबीयत खराब हो गई है सिपाही की मदद से अस्पताल पहुंचाया गया जहां डॉक्टरों ने इलाज के दौरान मृत घोषित कर दिया है.
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