मिर्जापुर जनपद में स्थित मां अष्ठभुजा मंदिर के मूर्ति के पास पहाड़ से रिस रिस कर पानी पहुंचने पर पुजारी परेशान है.पहाड़ के ऊपर बने मकानों और बोरिंग से गंदा पानी आने की आशंका है.मंदिर के पुजारी ने जिला प्रशासन से पता लगाने और ठीक कराने की गुहार लगा रहे हैं.वही डीएम ने बताया कि प्राकृतिक जल स्रोत से रिसाव लग रहा है ,समस्या के निदान के लिए आदेश दे दिया गया है.
उत्तर प्रदेश के मिर्जापुर जनपद के विंध्याचल में स्थित मां अष्ठभुजा मंदिर हिंदुओं के आस्था का बड़ा केंद्र है. मां विंध्यवासिनी देवी, मां काली के साथ श्रद्धालु मां अष्टभुजा देवी का दर्शन करते हैं. हर दिन हजारों की संख्या में श्रद्धालु पहुंचकर दर्शन पूजन करते हैं, नवरात्र में इसकी संख्या लाखों में पहुंच जाती है. 10 दिन से पहाड़ से रिस रिस कर मां अष्टभुजा मंदिर के गर्भगृह में पानी का रिसाव हो रहा है.रिसाव होने से मां के वस्त्र, पुजारी का आसन भीग जा रहा है. जिससे पुजारी परेशान है. पुजारी ने ठीक कराने और पानी कहां से आ रहा है इसका पता लगाने की जिला प्रशासन से गुहार लगाया है.
विंध्याचल में अष्टभुजा पहाड़ी पर विराजमान है मां अष्ठभुजा मंदिर. मंदिर पुजारी के मुताबिक अष्टभुजा पहाड़ पर गुजरे पेयजल की पाइपलाइन के क्षतिग्रस्त होने या पहाड़ के ऊपर बने मकान के साथ बोरिंग का पानी आने का आशंका लग रहा है. पुजारी धर्मेंद्र पांडेय और परमेश्वर गिरी ने बताया कि मां के गर्भगृह में पहाड़ के छत से पानी रिस रिसकर आ रहा है. मां के विग्रह के पास रिसा हुआ पानी बह रहा है. ऐसे में मां का वस्त्र भीग जा रहा है, पुजारी का आसन भी भीग जा रहा है. जिला प्रशासन इस समस्या को तत्काल दूर कराए नही आगे समस्या हो सकती है. पहाड़ से रिस रिस कर पहुंच रहे पानी के कारण गर्भगृह में पूरे दिन फिसलन जैसी स्थिति बनी रहती है. श्रद्धालुओ के गिरने की संभावना बनी रहती हैं. ऐसे में श्रद्धालुओं को दर्शन पूजन में कठिनाई का सामना करना पड़ रहा है.
वही मिर्जापुर जिला अधिकारी पवन कुमार गंगवार ने बताया कि जानकारी मिली है.रिस रिस कर पहुंच रहा पानी प्राकृतिक जल स्रोत से रिसाव हो सकता हैं.इस समस्या के निदान के लिए आदेश दे दिया गया है.आने वाले श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की समस्या नहीं होने दी जाएगी.
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